दिवाली का पर्व क्यों मनाया जाता है इसके बारे में क्या जानते हैं आप

दिवाली के त्योहार को दीप पर्व अर्थात दीपों का त्योहार कहा जाता है। दिवाली के दीप जले तो समझो बच्चों के दिलों में फूल खिले, फुलझड़ियां छूटी और पटाखे उड़े… क्यों न हो ऐसा? ये सब त्योहार का हिस्सा हैं, आनंद का स्रोत हैं।दीप पर्व अथवा दिवाली क्यों मनाई जाती है? इसके पीछे अलग-अलग कहानियां हैं, अलग-अलग परंपराएं हैं। कहते हैं कि जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के पश्चात अयोध्या नगरी लौटे थे, तब उनकी प्रजा ने मकानों की सफाई की और दीप जलाकर उनका स्वागत किया।दूसरी कथा के अनुसार जब श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध करके प्रजा को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई तो द्वारका की प्रजा ने दीपक जलाकर उनको धन्यवाद दिया।एक और परंपरा के अनुसार सतयुग में जब समुद्र मंथन हुआ तो धन्वंतरि और देवी लक्ष्मी के प्रकट होने पर दीप जलाकर आनंद व्यक्त किया गया।जो भी कथा हो, ये बात निश्चित है कि दीपक आनंद प्रकट करने के लिए जलाए जाते हैं… खुशियां बांटने का काम करते हैं।भारतीय संस्कृति में दीपक को सत्य और ज्ञान का द्योतक माना जाता है, क्योंकि वो स्वयं जलता है, पर दूसरों को प्रकाश देता है। दीपक की इसी विशेषता के कारण धार्मिक पुस्तकों में उसे ब्रह्मा स्वरूप माना जाता है।ये भी कहा जाता है कि ‘दीपदान’ से शारीरिक एवं आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। जहां सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच सकता Read More…

मुख्यमंत्री चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे

बीजेपी स्पष्ट कर रही है कि नंबर जो भी हो मुख्यमंत्री चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे. वहीं केंद्र में एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष चिराग पासवान लागातार नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. इतना ही नहीं वो प्रदेश में जेडीयू के खिलाफ प्रत्याशी भी उतार रहे हैं. इनमें से कई प्रत्याशी ऐसे हैं जो बीजेपी के नेता रहे हैं. चिराग पासवान ने अपने ट्विटर हैंडल से नीतीश कुमार के विरोध में एक और ट्वीट किया है.  पासवान ने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा है कि आप सभी से अनुरोध है की जहां भी एलजेपी के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे है उन सभी स्थानो पर बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट को लागू करने के लिए एलजेपी के प्रत्याशियों को वोट दें, जबकि अन्य स्थानो पर भारतीय जनता पार्टी के साथियों को दें.
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मुख्तारअब्बास नक्वी ने नई दिल्ली में हज 2021 के संबंध में की समीक्षा बैठक

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां कहा कि हज 2021,पेंडेमिक पोजीशन के मद्देनजर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकोल्स गाइडलाइन्स पर निर्भर करेगा करेगा।नक़वी ने आज नई दिल्ली में हज 2021 के संबंध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हज 2021जून-जुलाई के महीने में होना है,पर कोरोना आपदा और उसके प्रभाव की सम्पूर्ण समीक्षा और सऊदी अरब सरकार एवं भारत सरकार के लोगों की सेहत,सुरक्षा के मद्देनजर दिशानिर्देशों को प्राथमिकता देते हुए हज 2021 पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव पी०के०दास एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी,विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री विपुल,नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री एस०के०मिश्रा उपस्थित रहे।इसके अलावा सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ०औसाफ़ सईद,जेद्दाह में भारत के एक्टिंग काउंसल जनरल श्री वाई०साबिर,हज कमेटी ऑफ इंडिया के सी०ई०ओ०डॉ०एम०ए०खान एवं स्वास्थ्य विभाग,एयर इंडिया आदि विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये इस बैठक में शामिल हुए। निजामुद्दीन के साथ विष्णु पाण्डेय की रिपोर्ट मानवाधिकार मीडिया
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‘स्वामित्व योजना’ का शुभारंभ

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने ‘स्वामित्व योजना’ के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर का आभार व्यक्त किया। श्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि इस दूरदर्शी व ग्रामीण भारत को स्वावलंबी बनाने वाली ऐतिहासिक ‘स्वामित्व योजना’ के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री श्री एनएस तोमर का आभार व्यक्त करता हूं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ग्रामीण भारत को संपन्न व समृद्ध बनाने की दिशा में दिन रात काम कर रहे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आज ‘स्वामित्व योजना’ का शुभारंभ करना ग्रामीण स्वराज की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह योजना नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी द्वारा गरीबों व ग्रामीणों को सक्षम बनाना ही आत्मनिर्भर भारत का सच्चा लक्ष्य है और ‘स्वामित्व योजना’ से ग्रामीण भारत के भू-संपत्ति मालिकों को ‘रिकॉर्ड आफ राइट्स’ का हक मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार व सम्मान देने का एक अभिनव प्रयास है। अब उन्हें आसानी से बैंकों से ऋण प्राप्त होगा और वो भी अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। ‘स्वामित्व’ केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्Read More…

सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ह्यूमन राइट के पश्चिम बंगाल के उपाध्यक्ष राहुल रंजन जी के नेतृत्व में हाथ रस की रेप पीड़िता बहन को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि रैली के माध्यम से दी गयी।

सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ह्यूमन राइट के पश्चिम बंगाल के उपाध्यक्ष राहुल रंजन जी के नेतृत्व में हाथ रस की रेप पीड़िता बहन को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि रैली के माध्यम से दी गयी। साथ ही सभी आम जनो से अपेक्षा की गयी की हम सब माता बहनो की सुरक्षा के लिए कृत संकल्पित रहेंगे। Read More…

दो अक्तूबर क्यों मनाया जाता है

भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें बापू या महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन २ अक्टूबर १८६९ को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। वस्तुतः गांधीजी विश्व भर में उनके अहिंसात्मक आंदोलन के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलकर भारत को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराया था। गांधी जयंती के रूप में उनके जन्मदिन मनाकर देश राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित करतें हैं। आज के विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तथा देश हित के लिए अपना योगदान दे। इसी उद्देश्य से गांधी जयंती का आयोजन किया जाता हैं। गांधी जयंती को हर भारतवासी उल्लास से मनाया चाहिए।विनोद वर्मा की रिपोर्ट
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9 आतंकियों को NIA ने गिरफ्तार कर अल-कायदा के किया भंडाफोड़

9 आतंकियों को NIA ने गिरफ्तार कर अल-कायदा के किया भंडाफोड़ नई दिल्ली डिस्क | राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने देश में अल-कायदा के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। एनआईए ने शनिवार सुबह छापेमारी कर अलकायदा के 9 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी में एनआईए ने बंगाल से छह और केरल से तीन आतंकियों को दबोचा है। इससे एनआईए को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि राजधानी दिल्ली सहित कई स्थानों पर हमले करने के लिए इन आतंकवादियों को प्रेरित किया गया था। एनआईए ने कहा कि गिरफ्तार अल-कायदा के नौ आतंकवादियों का यह मॉड्यूल सक्रिय रूप से धन उगाही में लगा था। गिरोह के कुछ सदस्य हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के लिए नई दिल्ली की यात्रा करने की योजना बना रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से देश के विभिन्न हिस्सों में संभावित आतंकवादी हमलों की पूर्व सूचना मिली है। एनआईए ने बताया कि इनके पास से बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण, दस्तावेज, जिहादी साहित्य, धारदार हथियार, स्वदेशी आग्नेयास्त्र, एक स्थानीय रूप से निर्मित शरीर कवच, घर में विस्फोटक तैयार करने से संबंधित लेख और साहित्य जब्त किए गए हैं।
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मोदी ने अर्थव्यवस्था को जर्जर किया’ – जीडीपी पर क्या बोले विदेशी अख़बार

‘ केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने सोमवार को जीडीपी के आंकड़े जारी कर दिए, जिसमें यह नकारात्मक रूप से 23.9 फ़ीसदी रही है.भारतीय अर्थव्यवस्था में इसे 1996 के बाद ऐतिहासिक गिरावट माना गया है और इसका प्रमुख कारण कोरोना वायरस और उसके कारण लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन को बताया जा रहा है.दुनिया में एक समय सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था रहे भारत के इस नए जीडीपी आंकड़े से जुड़ी ख़बरों और लेख को दुनियाभर के तमाम अख़बारों और मीडिया हाउसेज़ ने अपने यहां जगह दी है.अमरीकी मीडिया हाउस सीएनएन ने अपने यहां ‘भारतीय अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड रूप से सबसे तेज़ी से सिकुड़ी’ शीर्षक से ख़बर लगाई है.इस ख़बर में कैपिटल इकोनॉमिक्स के शीलन शाह कहते हैं कि इसके कारण अधिक बेरोज़गारी, कंपनियों की नाकामी और बिगड़ा हुआ बैंकिंग सेक्टर सामने आएगा जो कि निवेश और खपत पर भारी पड़ेगा.nullऔर ये भी पढ़ेंजीडीपी में भारी गिरावट के बाद क्या हैं विकल्प?कोरोना वायरस की वजह से बढ़ रही है सोने की कीमत?मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सपना कितना हक़ीक़त बन सकता है?कोरोना: चीन या अमरीका, इस महामारी से उबरने में दुनिया का कौन थामेगा हाथ? पीएम मोदी निशाने परजापान के बिजनेस अख़बार निकेई एशियन रिव्यू में भारतीय वित्त आयोग के पूर्व सहायक निदेशक रितेश कुमार सिंह ने एक लेख लिखा है जिसका शीर्षक है, ‘नरेंद्रRead More…

मोहर्रम का त्योहार इस वर्ष सरकार के गाईड लाईन के अनुसार मनाया जाएगा पर्व

कल रविवार को भारत में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के दौरान, मोहर्रम में इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी कैसे मनाई जाए, इस बारे में कुछ शिया मुसलमानों ने इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी से सवाल किया।आयतुल्लाह सीस्तानी ने इसके जवाब में कहाः मजसिलों के आयोजन में स्वास्थ्य और सेहत से जुड़े सभी नियमों का सख़्ती से पालन किया जाना चाहिए।मजलिस में हाज़िर होने वाले लोगों के बीच सामाजिक दूरी का ख़याल रखा जाना और कोरोना वायरस से बचाव और उसे फैलने से रोकने के लिए मास्क के इस्तेमाल जैसे अन्य उपाय भी किए जाने चाहिएं।इसी के साथ आयतुल्लाह सीस्तानी के दफ़्तर से जारी होने वाले बयान में टीवी चैनलों और इंटरनेट पर मजलिसों के सीधे प्रसार पर बल दिया गया है, ताकि लोग अपने घरों में रहकर भी लाभान्वित हो सकें।लोग अपने घरों में परिवार के सदस्यों के साथ मजलिसों और अज़ादारी का आयोजन कर सकते हैं।सार्वजनिक सभाओं में स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों द्वारा की गई सिफ़ारिशों पर अमल किया जाना ज़रूरी है। इसी तरह नियमों का पालन करते हुए सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और गली-कूचों में सियाह परचम और इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी के दूसरे प्रतीक लगाए जाने चाहिएं।तबर्रुक बांटने और नज़्र व नियाज़ में स्वास्थ्य नियमों का पालन किया जाना ज़रूरी है। एक साथ भीड़ इकट्ठा Read More…

इमाम हुसैन अपने 72 साथियों की कुर्बानी के याद में मनाया जाता है मुहर्रम

इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक नए साल की शुरुआत मुहर्रम के महीने से ही होती है. इसे साल-ए-हिजरत (जब मोहम्मद साहब मक्के से मदीने के लिए गए थे) भी कहा जाता है. मुहर्रम किसी त्योहार या खुशी का महीना नहीं है, बल्कि ये महीना बेहद गम से भरा है. इतना ही नहीं दुनिया की तमाम इंसानियत के लिए ये महीना इबरत (सीखने) के लिए है.इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक नए साल की शुरुआत मुहर्रम के महीने से ही होती है. इसे साल-ए-हिजरत (जब मोहम्मद साहब मक्के से मदीने के लिए गए थे) भी कहा जाता है. मुहर्रम किसी त्योहार या खुशी का महीना नहीं है, बल्कि ये महीना बेहद गम से भरा है. इतना ही नहीं दुनिया की तमाम इंसानियत के लिए ये महीना इबरत (सीखने) के लिए है.आज से लगभग 1400 साल पहले मुहर्रम के महीने में इस्लामिक तारीख की एक ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जंग हुई थी. इस जंग की दास्तां सुनकर और पढ़कर रूह कांप जाती है. बातिल के खिलाफ इंसाफ की जंग लड़ी गई थी, जिसमें अहल-ए-बैत (नबी के खानदान) ने अपनी जान को कुर्बान कर इस्लाम को बचाया था.इस जंग में जुल्म की इंतेहा हो गई, जब इराक की राजधानी बगदाद से करीब 120 किलोमीटर दूर कर्बला में बादशाह यजीद के पत्थर दिल फरमानों ने महज 6 महीने के अली असगर को पानी तक नहीं पीने दिया. जहां भूख-प्यास से एक मां के सीने का दूध खुश्क हो गया और जब यजीद की फौज ने पैगंबर मोहम्मद के नवासे इRead More…