क्यों मनाया जाता है जन्माष्टमी पर्व

जन्माष्टमी पर्व को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व पूरी दुनिया में पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। जन्माष्टमी को भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण युगों-युगों से हमारी आस्था के केंद्र रहे हैं। वे कभी यशोदा मैया के लाल होते हैं, तो कभी ब्रज के नटखट कान्हा।जन्माष्टमी कब और क्यों मनाई जाती है भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।श्रीकृष्ण देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे। मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था। उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे। एक समय आकाशवाणी हुई कि उसकी बहन देवकी का 8वां पुत्र उसका वध करेगा। यह सुनकर कंस ने अपनी बहन देवकी को उसके पति वासुदेवसहित काल-कोठारी में डाल दिया। कंस ने देवकी के कृष्ण से पहले के 7 बच्चों को मार डाला। जब देवकी ने श्रीकृष्ण को जन्म दिया, तब भगवान विष्णु ने वासुदेव को आदेश दिया कि वे श्रीकृष्ण को गोकुल में यशोदा माता और नंद बाबा के पास पहुंचा आएं, जहां वह अपने मामा कंस से सुरक्षित रह सकेगा। श्रीकृष्ण का Read More…

भारत में और खतरनाक हो रहा कोरोना, अगस्त के 8 दिन में ही मिले कोविड-19 केसों ने तोड़ दिए दुनिया के सारे रिकॉर्ड၊

भारत अगस्त में दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा है। भारत ने इस महीने में सबसे ज़्यादा नए मामले दर्ज किए हैं जो अमेरिका के मुकाबले कुछ और ब्राज़ील के मुकाबले बहुत अधिक हैं। अगस्त के शुरुआती दिनों में कोरोना से होने वाली मौतों के आँकड़ों में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर आ गया। राज्य सरकारों के मिले आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस का कहर अब भी देश पर बना हुआ है।शुक्रवार को कोरोना के 60 हज़ार ताज़ा मामले सामने आए और 926 लोगों की कोरोना वायरस से मौत ही गई। एक दिन में महामारी से होने वाला ये अब तक का सबसे ज़्यादा नुकसान है। भारत में अगस्त के पहले छह दिनों में 3,28,903 नए कोरोनावायरस मामलों की सूचना मिली। अमेरिका में यही आंकड़ा 3,26,111 और ब्राजील में 2,51,264 था। भारत में अगस्त के चार दिनों में आए मामले दुनिया में सबसे ज़्यादा दर्ज किए गए। 2, 3, 5 और 6 अगस्त को भारत में सामने आए कोरोना के मामले दुनिया के सबसे ज़्यादा दैनिक मामले थे। गुरुवार को भारत ने 20 लाख का आंकड़ा पार किया। भारत में ये आंकड़ा तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत में संक्रमण की वृद्धि दर 3.1% है जो अमेरिका और ब्राज़ील से अधिक है। हालांकि मौत के आंकड़े की बात करें तो अमेरिका और ब्राजील भारत से आगे हैं ब्राजील और अमेरिका दोनों ने अगस्त में अब तक कोरोना से होने वाली 6,000 से अधिक मौतें दर्ज की हैं जबकRead More…

अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हो चुका है

अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर 12:44 के लगभग राम मंदिर की आधारशिला रखी. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर और ‘हर-हर महादेव’ कहकर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की. इस दौरान वहां मौजूद साधु-संत राम भजन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर आ चुके हैं. मौजूद अतिथिगण ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे हैं. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया: राज्य को धर्म से अलग रखने की संविधान की मूलभूत भावना का सम्मान करो.भारत का संविधान इस बात में दृढ़ है कि धर्म और राजनीति का मिश्रण नहीं होना चाहिए. तब भारत के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री क्यों एक मंदिर के भूमिपूजन समारोह से राजनीतिक लाभ बटोरने की कोशिश कर रहे हैं?” अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान शिवसेना ने पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे के एक पुराने इंटरव्यू की एक क्लिप शेयर की है. इस क्लिप में बाल ठाकरे कह रहे हैं, “बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने के बाद वहां शिवसेना का झंडा लगाना गौरव की बात थी. इसमें कोई शर्म की बात नहीं है. बाबरी मस्जिद के नीचेRead More…

सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ह्यूमन राइट (सी सी एच आर ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री डी पी जोशी के द्वारा श्री शानवाज जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्रमिक संरक्षण समिति के पद पर मनोनीत किया है।

सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ह्यूमन राइट (सी सी एच आर ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री डी पी जोशी के द्वारा श्री शानवाज जी को राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्रमिक संरक्षण समिति के पद पर मनोनीत किया है। सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ह्यूमन राइट (सी सी एच आर ) मानव अधिकार के संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है , कोई भी ब्यक्ति जो संगठन से जुड़ना चाहते है सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ह्यूमन राइट (सी सी एच आर ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री डी पी जोशी से संपर्क कर जानकारी ले सकते है उनका मोबाइल नंबर 9893354327 से।
Read More…

भारत में जिस भावना से रक्षाबंधन आज मनाया जाता है वह पैदा हुई

मुगल साम्राज्य में। जब सन 1535 के आस पास चित्तौड़ पर गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने आक्रमण कर दिया।चित्तौण के राजा राणा संगा की विधवा पत्नी रानी कर्णावती को यह लगने लगा कि उनका साम्राज्य गुजरात के सुलतान बहादुर शाह से नहीं बचाया जा सकता तो उन्होंने पहले से ही चित्तौड़ पर नजर लगाए अपने दुश्मन मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजी और एक बहन के नाते मदद माँगी। मुगलों को खलनायक बनाने के प्रयास में यह इतिहास दबा दिया गया कि मुगल बादशाह हुमायूँ अपनी सेना लेकर कर्णावती की मदद के लिए गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह से लड़ने के लिए निकल पड़ा। पर हुमायूँ के पहुँचने के पहले ही गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर विजय प्राप्त कर ली और रानी कर्णावती को जौहर करना पड़ा। मुगल बादशाह हुमायूँ को जब पता चला कि उनकी मुहबोली बहन रानी कर्णावती ने जौहर कर लिया और वह मृत्यु को प्राप्त हुईं तब उनको बहुत दुख हुआ और उन्होंने अपनी बहन का बदला लेने के लिए चित्तौड़ पर आक्रमण करके सुल्तान बहादुर शाह को परास्त किया और हुमायूं को विजय मिली तथा उन्होंने चित्तौण का पूरा शासन रानी कर्णवती के बेटे विक्रमजीत सिंह को सौंप दिया |इतिहास से स्पष्ट है कि तब सांप्रदायिकता नहीं थी , वर्ना एक मुसलमान राजा हुमायूँ , एक हिन्दू रानी कर्णावती के लिए एक मुसलमान राजा सुल्तान बहादुर शRead More…

अहंकार को मिटाने का त्योहार है ईदुल अजहा : सय्यद अशरफ

31 जुलाई 2020 नई दिल्ली आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने लोगों को ईद उल अजहा के मौके पर बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार लोगों की भूख मिटाने और अपने अहंकार को मिटाने का है ,अपने मालिक पालनहार की बारगाह में समर्पण कर उसकी मर्ज़ी से जीवन गुजारने और कुर्बानी पेश करने का सबक है यह त्योहार। हज़रत ने कहा कि यह जो कुर्बानी है जो अल्लाह के प्यारे पैगम्बर हज़रत इब्राहीम खलीलुल्लाह और हज़रत इस्माईल जबीउल्लाह की वह सुन्नत है जिसे उन्होंने अपने रब के हुक्म से अंजाम दिया वहीं हमारे नबी हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इसे भुखमरी के खिलाफ बड़ी जंग बना दिया और हुक्म दिया कि जो कुर्बानी की जाये उसके मांस के तीन हिस्से किये जायें जिसमें एक हिस्सा गरीबों का है एक रिश्तेदार दोस्त अहबाब का और एक खुद खा सकते हैं इस तरह हर व्यक्ति तक इन तीन दिनों में खाना पहुंचाने का इंतजाम किया जिससे किसी व्यक्ति के आत्मसम्मान को भी चोट न पहुंचे वहीं तीन दिनों के इस अमल से यह भी खबर हो जाये कि किसके पास खाने को नहीं है और बाद में उसकी मदद की जा सके, इस छिपे हुए संदेश को हमें समझना होगा तभी हम असल मकसद तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि क़ुरआन में साफ लिखा है कि तुम्हारा खून और गोश्Read More…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में पाकिस्तान को लिया आड़े हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में पाकिस्तान को लिया आड़े हाथ दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में आज आजादी की वर्षगांठ पर कोरोना मुक्त होने और आत्मनिर्भर होने का संकल्प लेने का आव्हान देश की जनता ले किया। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने करगिल दिवस का जिक्र कर जवानों को याद किया और पाकिस्तान को जमकर खरी-खरी सुनाई। मोदी ने आगे कोरोना वायरस, आत्मनिर्भर भारत, असम और बिहार की बाढ़ का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर देशवासी कोरोना से आजादी का संकल्प लें। करगिल दिवस पर पीएम मोदी ने सबसे पहले पाकिस्तान पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि दुष्ट का स्वभाव ही होता है सबसे बिना वजह दुश्मनी करना, हित करने वाले का भी नुकसान सोचना। मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने पीठ पर छुरा घोंपा था। मोदी बोले, पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था। मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर देशवासी इस बार कोरोना से आजादी, आत्मनिर्भर बनने की कसम खाएं। कोराना पर बात करते हुए मोदी ने कहा आज हमारे देश में कोरोना से रिकवरी रेट बेहतर है। देश में कोरोना का मृत्यु दर भी काफी कम है। मोदी बोले कि कोरोना से अभी गंभीरता से लड़ना हRead More…

ढाई लाख स्टूडेंट्स को बड़ी राहत, नए सत्र में फीस नहीं बढ़ाएगा एकेटीयू

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने अपने यहां पढ़ने वाले 2.50 लाख स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन के निर्देश के क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए सत्र 2020-21 में किसी तरह की फीस वृद्धि न करने का निर्णय लिया है। यहां पिछले साल लागू शुल्क ही लगेगा। विश्वविद्यालय में शासन की ओर से हर तीन साल में शुल्क निर्धारण के लिए प्रवेश एवं फीस नियमन समिति की बैठक होती है। इसमें कॉलेजों की फीस बढ़ाने व पुनर्निर्धारण आदि के प्रस्ताव पर मुहर लगती है। इस साल मार्च से कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन और उसके बाद पैदा हुई समस्याओं की वजह से लोगों को काफी आर्थिक संकट झेलना पड़ा है। यही वजह है कि स्टूडेंट्स लगातार शुल्क माफ करने और पिछले सत्र में हॉस्टल आदि का प्रयोग न करने के कारण उसे एडजस्ट करने की मांग कर रहे हैं। स्टूडेंट्स इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रहे हैं कि जब संस्थान चार महीने से बंद हैं तो उनका बिजली, मेंटेनेंस आदि का तो कुछ खर्च हुआ नहीं। क्यों नहीं इसका लाभ स्टूडेंट्स को दिया जाना चाहिए। जिनके परिजन को इस दौरान आर्थिक समस्याओं से दो-चार होना पड़ा है। अब्दुल्लाह पठान की रिपोर्ट
Read More…

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी,बढ़कर आएगी सैलरी

लॉकडाउन और कोरोना संकट के बीच जहां केंद्रीय कर्मचारियों को एक के बाद एक झटका लगा है तो वहीं लंबे इंतजार के बाद अब उनके लिए खुशखबरी आई हैं। 7th Pay Commission की सिफारिशों के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की नाइट ड्यूटी के नियम में बदलाव किया गया है। कर्मचारियों की सैलरी में सरकार ने ये बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार ने नाइट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अलग से नाइट ड्यूटी अलाउंस देने का फैसला किया है।सरकार ने मानी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशमोदी सरकार ने सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की सिफारिशों को मानते हुए केंद्राीय कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने नाइट ड्यूटी अलाउंस को लेकर बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कहा है कि अब नाइट ड्यूटी करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को नाइट ड्यूटी अलाउंस दिया जाएगा। सरकार ने कहा है कि ये अलाउंस अलग से दिया जाएगा ना कि ग्रेड पे के आधार पर। केंद्र सरकार की ओर से डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने निर्देश जारी कर कहा है कि नए नियम 1 जुलाई से लागू किए गए हैं। आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अब तक विशेष ग्रेड पे के आधार पर नाइट ड्यूटी अलाउंस मिलता था, लेकिन सरकार ने इसे बदल दिया है। अब सरकार के इस फैसले से नाइट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की सैलरी बढ़कर आएगी।इन महीने से बढ़कर आएगी सैलरीसरकार की ओर से जारRead More…

कोरोना मुश्किलों से लेकर बचाव तक जानें सब कुछ सामुदायिक संक्रमण की शुरुआत आखिर क्यों है खतरनाक

बीते 24 घंटे में देश में 40 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमितों की संख्या 11 लाख के पार जा चुकी है। लक्षद्वीप को छोड़ दें तो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हर राज्य में कोरोना ने अपनी पैठ बना ली है। कुछ राज्य तो ऐसे हैं, जहां शुरू में काबू पाया गया, लेकिन इस जानलेवा वायरस ने फिर से चपेट में ले लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में कोरोना वायरस को लेकर सामुदायिक संक्रमण की शुरुआत हो चुकी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि भारत में बढ़ते मामले सामुदायिक संक्रमण का ही परिणाम है। इस दावे को कई विशेषज्ञों का भी साथ मिल गया है। सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर अरविंद कुमार का भी मानना है कि अब देश में सामुदायिक संक्रमण की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र सरकार हालांकि यह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। रोजाना 30 हजार से ज्यादा केस आने के बावजूद सरकार इसी बात पर जोर दे रही है कि देश में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार सच से भाग रही है और उसे अब सच स्वीकार कर लेना चाहिए। आखिर सामुदायिक संक्रमण है क्या? यह स्थिति खतरनाक क्यों है? पहले से ही कोरोना की मार झेल रहे देश पर इसके क्या दुष्परिणाम होंगे? इससे कैसे बचा जा सकता है? ऐसे ही तमाम सवाल जो आपके मन में उठ रहे होंगे….उनके जवाब Read More…