दिल्ली में अभी नहीं पहनने पर 2000 का स्वाद, केजरीवाल का ऐलान होगा

हाइलाइट्स:दिल्ली में कोरोना महामारी पर हाई कोर्ट की सख्ती के बाद ऐक्शन में केजरी सरकार सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अलग-अलग जगहों पर पहने जाने वाले लोगों को 2000 रुपये का कैश नहीं लगेगा बता दें कि अभी तक फंक्शन नहीं पहनने पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान था नई दिल्लीकोरोन महामारी (दिल्ली में कोरोना महामारी) पर दिल्ली सरकार पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब अरविंद केजरीवाल (अरविंद केजरीवाल न्यूज़) सरकार ने ऐक्शन में आ गई है और सार्वजनिक स्थानों पर वर्क नहीं पहने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की है। अभी तक वर्क नहीं पहनने पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान था। लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे चार गुणा बढ़ाने का फैसला किया है। कोर्ट की फटकार के बाद केजरी का ऐक्शन सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक के बाद इसकी ऐलान किया है। केजरीवाल ने कहा कि 2000 स्थानों पर लगाए जाने वाले विभिन्न स्थानों पर स्पष्ट रूप से पहने जाने वाले नहीं होंगे। निर्णय से लिया गया फैसला- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर भरोसेमंद लेफ्टिनेंट गर्वनर से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया। हम इस बात पर सहमत थे कि ऐसा तंत्र बनाया जाए जिससे लोग परेशान न हों। इसी के तहत हमने सक नहीं पहने पर जुर्माRead More…

69 हजार शिक्षक भर्ती: उत्तर प्रदेश 69,000 शिक्षक भर्ती: शिक्षा मित्रों को सुप्रीम कोर्ट से झटका … अब बाकी 37 हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ – सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा मित्रो को छूट देने से किया इनकार, बाकी पदों पर भर्ती का रास्ता uttar pradesh में प्राथमिक शिक्षकों के पद

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से यूपी के शिक्षामित्रों को राहत नहीं मिली और अदालत ने यूपी सरकार को इस बात की इजाजत दे दी है कि वह मई में घोषित हुए रिजल्ट के मुताबिक 69 हजार असिस्टेंट बेसिक टीचर्स की सीटों को भरें। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है जिसमें हाई कोर्ट ने यूपी सरकार के उठाएए 60-65 प्रति कटऑफ अंक को बरकरार रखा था। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को यूपी प्राथमिक शिक्षा मित्र असोसिएशन ने चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यूपी में 69 हजार में बाकी बचे 37 हजार टीचर्स के पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया।] सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित की अगुवाई वाली बेंच ने 69 हजार असिस्टेंट टीचर्स की भर्ती के तमाम व्यवस्थापन को खत्म कर दिया। अदालत ने यूपी बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार असिस्टेंट टीचर्स की भर्ती प्रक्रिया के दौरान कटऑफ बढ़ाने के फैसले को सही ठहराया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था और अब सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है और हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ भर्ती शिक्षा मित्रों की अर्जी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों के लिए कटऑफ बदलने जाने से इनकार कर दिया।यूपी सरकार ने आवेदकों के लिए तय कर दिया था कटऑफ थागौरतलब है कि यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने भर्ती प्रकRead More…

कोर्ट ने कहा कि वरवर राव मृत्युशय्या पर महाराष्ट्र सरकार के अस्पताल जाने वाले हैं

हाइलाइट्स:महाराष्ट्र सरकार वरवर राव को जेल से 15 दिनों के लिए नानावटी अस्पताल ले जाने को तैयारराज्य सरकार को राव को निजी नानावटी अस्पताल ले जाने में कोई ऐतराज नहीं हैकोर्ट का निर्देश राज्य राव के इलाज का खर्च उठाएगा, कोर्ट को सूचित करने के बाद दी जाएगीमुंबईमहाराष्ट्र सरकार एल्ब्रिज परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कवि-सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव 15 उपचार के लिए जेल से 15 दिन के लिए मुंबई के लिए नानावत अस्पताल ले जाने पर बुधवार को राजी हो गए। न्यायमूर्ति एस.एस. शिंदे और न्यायमूर्ति माधव जामदार की पीठ के हस्तक्षेप के बाद राज्य ने कहा कि वह विशेष मामले के तौर पर विचाराधीन कैदी राव (81) कोवि मुंबई की तलोजा जेल से ले जाएगा। राज्य के वकील दीपक ठाकरे ने अदालत से कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से निर्देश प्राप्त कर लिए हैं जिन्होंने कहा कि राज्य को राव को निजी नानावटी अस्पताल ले जाने में कोई ऐतराज नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि राव के उपचार का खर्च राज्य उठाएगा और न्यायालय को सूचित करने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। पीठ का यह भी निर्देश था कि राव की सभी मेडिकल रिपोर्ट अदालत में जमा की जाए और उनके परिवार के सदस्यों को अस्पताल में उनसे मुलाकात की जाए। ‘मौलिक अधिकार का उल्लंघन’न्यायालय ने राव की पत्नी हेमलतRead More…

शिवसेना ने सामना के माध्यम से बीजेपी पर कसा यह तंज किया

हाइलाइट्स:सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी की बैठक ज्यादा आने की वजह से शिवसेना को मुख्यमंत्री पद नहीं दिया गयायह भी कहा गया कि बिहार में फिसलकर तीसरे नंबर पर जा चुके पार्टी को मुख्यमंत्री पद का मुकुट पहनाया गयासामना में कहा गया है कि कितनी उदारता है यह, राजनीतिक बलिदान के इस विवरण को स्याही कम पड़ जाएगीमुंबईमहाराष्ट्र में शिवसेना के जेहन में आज भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से अलग होने की टीस जिंदा है। उसे बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद पर प्रतिबद्धता न करने की जिरह भी याद है। यह दर्द शिवसेना ने अपने मुखपत्र पर बिहार के उदाहरण के साथ जाहिर किया है। शिवसेना ने बिहार में ज़ीयू को मुख्यमंत्री पद देने के बारे में कहा बीजेपी पर तंज कसा है कि राजनीति के इस त्याग का वर्णन करने के लिए स्याही कम पड़ जाएगी।सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी की बैठक ज्यादा आने की वजह से शिवसेना को मुख्यमंत्री पद नहीं दिया गया। लेकिन बिहार में फिसलकर तीसरे नंबर पर जा चुके पार्टी को (ज़ीयू- जनता दल यूनाइटेड) मुख्यमंत्री पद का मुकुट पहनाया। कितनी उदारता है? राजनीतिक के इस त्याग का वर्णन करने के लिए स्याही कम पड़ जाएगी लेकिन नीतीश कुमार इस मेहरबानी के बोझ को कितनी देर तक उठाएंगे।विभागों का बंटवारा भी हो गयाबिहार विधानसभा चुनावों में मिली Read More…

दिल्ली में कोविद की तेज रफ्तार पर रोक की जद्दोजहद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया- उठाए जा रहे कौन-कौन हैं कदम

नई दिल्लीदिल्ली में कोविद -19 महामारी के तेजी से बढ़ते मामलों पर रोक के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच हुई बैठक के फैसलों के मुताबिक तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। 15 नवंबर को हुई इस बैठक में 12 फैसले लिए गए थे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को बैठक में बैठक के लिए समीक्षा करने पर काम करने का ब्योरा दिया। पहुंच रहे हैं डॉ और स्टाफगृह मंत्रालय ने बताया कि बैठक में लिए गए फैसले के तहत केंद्रीय सशस्त्र बलों (CAPFs) के 45 डॉ और 160 पैरामेडिकल स्टाफ दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली बंदरगाह के करीब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अस्पताल और छतरपुर के कोविड कैर सेंटर में इनकी तैनाती होगी। बाकी डॉ और स्टाफ भी अगले कुछ दिनों में दिल्ली पहुंच जाएंगे। प्राथमिक अस्पतालों के दौरे के लिए 10 टीमों का गठनवहीं, गृह मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाली 10 टीमों का गठन किया है जो दिल्ली के 100 से ज्यादा निजी अस्पतालों का दौरा करेंगी। ये टीमें प्राइवेट हॉस्पिटलों में बेडों की उपयोगिता और टेस्टिंग की क्षमता का ब्योरा जुटाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन अस्पतालों में अतिरिक्त आईसीयू बिस्तर लगाए जा सकते हैं। कोरोना के बढ़ते मामले, दिल्ली से आ रहे लोगोRead More…

छठ पूजा पर पाबंदी के फैसले पर केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, सामूहिक आयोजन पर रोक को हरी झंडी

हाइलाइट्स:दिल्ली उच्च न्यायालय ने छठ पूजा पर प्रदेश सरकार की तरफ से पाबंदी का फैसला बरकरार रखाकोर्ट ने कहा कि छठ पूजा के सामूहिक आयोजन से विभाजित -19 महामारी और अप पकड़ी जाएगीदिल्ली सरकार के फैसले पर राजनीतिक घमासान मच गया है, खासकर बीजेपी बहुत मुखर है दिल्ली में पूर्वांचलियों की बड़ी तादाद है जिसे अपने पक्ष में करने के लिए दलों में होड़ लगी रहती हैनई दिल्लीछठ पूजा के सामूहिक आयोजन पर पाबंदी को लेकर विपक्ष के किरकिरी झेल रही है अरविंद केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने भी छठ पर पाबंदी लगाने के सरकार के फैसले को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि छठ पूजा के सामूहिक आयोजन की अनुमित देने पर कोविड -19 महामारी में तेज वृद्धि की आशंका रहेगी। वहीं, उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने भी दिल्ली सरकार को कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि केंद्र के माध्यम से केंद्र सरकार से कोरोना हॉटस्पॉट एरियाज में कुछ गतिविधियों पर पाबंदी लगाने की अनुमति मांगी गई थी। जिंदा रहोगे, तभी तो कोई त्योहार पाओगे: हाई कोर्टदिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ छठ पूजा के आयोजन की अनुमति लेने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दी गई थी। इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ‘जRead More…

छठ पूजा पर पाबंदी के फैसले पर केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, सामूहिक आयोजन पर रोक को हरी झंडी

हाइलाइट्स:दिल्ली उच्च न्यायालय ने छठ पूजा पर प्रदेश सरकार की तरफ से पाबंदी का फैसला बरकरार रखाकोर्ट ने कहा कि छठ पूजा के सामूहिक आयोजन से विभाजित -19 महामारी और अप पकड़ी जाएगीदिल्ली सरकार के फैसले पर राजनीतिक घमासान मच गया है, खासकर बीजेपी बहुत मुखर है दिल्ली में पूर्वांचलियों की बड़ी तादाद है जिसे अपने पक्ष में करने के लिए दलों में होड़ लगी रहती हैनई दिल्लीछठ पूजा के सामूहिक आयोजन पर पाबंदी को लेकर विपक्ष के किरकिरी झेल रही है अरविंद केजरीवाल सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने भी छठ पर पाबंदी लगाने के सरकार के फैसले को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि छठ पूजा के सामूहिक आयोजन की अनुमित देने पर कोविड -19 महामारी में तेज वृद्धि की आशंका रहेगी। वहीं, उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने भी दिल्ली सरकार को कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि केंद्र के माध्यम से केंद्र सरकार से कोरोना हॉटस्पॉट एरियाज में कुछ गतिविधियों पर पाबंदी लगाने की अनुमति मांगी गई थी। जिंदा रहोगे, तभी तो कोई त्योहार पाओगे: हाई कोर्टदिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ छठ पूजा के आयोजन की अनुमति लेने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दी गई थी। इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ‘जRead More…

घड़ी, ड्रग्स और अवैध हथियारों का कारोबार …. आखिर अपराध की दुनिया का नया प्लैटफॉर्म प्रदर्शन क्यों डार्क वेब बना

हाइलाइट्स:सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के एक इंजिनियर को गिरफ्तार कियाआरोपी पर 5 से 16 साल की उम्र के 50 बच्चों के साथ कुकृत्य करने का आरोप8 मोबाइल फोन, 8 लाख रुपये, सेक्स टॉय, लैपटॉप और अन्य चीजें बरामदलखनऊसीबीआई ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एक इंजिनियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी जूनियर इंजिनियर पर चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर जिलों में 5 से 16 साल की आयु के लगभग 50 बच्चों के साथ कुकृत्य करने का आरोप है। उसके पास आठ मोबाइल फोन, लगभग आठ लाख रुपये की संपत्ति, सेक्स टॉय, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के अन्य डिजिटल साक्ष्य हैं। आरोपी बच्चों के स्वर मेकर उन्हें डार्क वेब पर कॉल करता था। डार्क वेब अपराध की दुनिया का नया प्लैटफॉर्म बन गया है।डार्क वेब में वॉच, ड्रग्स और अवैध हथियारों के रूप में कारोबार खूब फलफूल रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि इस पर सक्रिय रहने वालों को पकड़ना पुलिस के लिए आसान नहीं है। लखनऊ में साइबर सेल के सीयूमन रे ने बताया कि इस पर अवैध कारोबार करने वालों को पकड़ना आसान नहीं होता, जब तक पुलिस को आरोपी का नाम और होटल न पता हो।सरफेस और डीपी वेब क्या है सीओ विवेक राय ने बताया कि इंटरनेट तीन प्लैटफॉर्म पर काम करता है। एक सरफेस वेब, डीपी वेब और डार्क वेब। सरफेस बेव इंटरनेट का वह हिस्सा होता है Read More…

लखनऊ के नए कमिश्नर ने संभाला कार्यभार, जानें कौन हैं डीके ठाकुर?

हाइलाइट्स:रातोंरात हटाए गए लखनऊ के कमिश्नर सुजीत पांडेयएटीएस के एडीजी डीके ठाकुर बने लखनऊ के नए कमिश्नरवर्ष 1994 बार के आईपीएस अधिकारी हैं ध्रुवकांत ठाकुरलखनऊउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रातोंरात कमिश्नर बदल दिए गए। सुजीत पांडेय को हटाकर आईपीएस ध्रुवकांत ठाकुर को लखनऊ का नया कमिश्नर बनाया गया है। ठाकुर अभी तक अट्स के एडीजी थे। माना जा रहा है कि दिवाली से पहले जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत के मामले के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने सुजीत पांडेय को हटाने का फैसला लिया है। मंगलवार आधी रात सुजीत पांडेय के ट्रांसफर के बाद देके ठाकुर ने चार्ज भी ले लिया। उन्होंने बुधवार सुबह 9 बजे ऑफिस भी जॉइन कर लिया है।कौन हैं लखनऊ के नए कमिश्नरएटीएस के एडीजी डीके ठाकुर वर्ष 1994 सलाखों के आईपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह राजधानी लखनऊ के एसएसपी रह चुके हैं। बीएसपी चीफ मायावती के शासनकाल में ठाकुर लखनऊ के एसएसपी और डीआईजी के पद पर तैनात थे। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में भी काम किया है। बताया जाता है कि पुलिस अधिकारियों में ठाकुर की अलग पहचान है। जब वह लखनऊ में तैनात थे तब लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए रात 10 बजे से शाम पांच बजे तक उपलब्ध थे।राजधानी में अपने पचास साल से ज्यादा के कार्यकाल में उन्होंने क्राइम और लॉ ऐंड नंबर पर शानदार काम किRead More…

प्रशासन समाचार: 69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट का झटका, योगी सरकार के कटऑफ को सही बताया, याचिका खारिज – सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया शिक्षामित्रों की याचिका योगी सरकार ने कहा कि कट ऑफ सही है

हाइलाइट्स:69 हजार शिक्षक भर्ती का मामला सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला37,399 शिक्षामित्रों की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दीकोर्ट ने योगी सरकार के मौजूदा कटऑफ को सही बतायाराजेश चौधरी, लखनऊउत्तर प्रदेश के बहुचर्चित 69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में 37 हजार 339 पदों की भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुना दिया है। शिक्षामित्रों को बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के मौजूदा कट ऑफ को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता शिक्षामित्रों को नियुक्ति का मौका अगली भर्ती में दिया जाएगा। यह कहता है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षामित्रों की याचिका को खारिज कर दिया।इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हुई बहस के बाद कोर्ट ने 24 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि परीक्षा के बीच में क्या कटऑफ प्रतिशत बदलकर 60-65 प्रतिशत किया जा सकता है? इस मामले में शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की क्या दलील थीसुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित की अगुवाई वाली बेंच के सामने शिक्षामित्रों की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव धवन और राकेश द्विवेदी की ओर से दलील दी गई थी कि असिस्टेंट टीचर की भर्ती परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए कटऑRead More…