Samsung Galaxy M31 (M315F-DS) 64GB 6GB RAM International Version – Ocean Blue

Price: [price_with_discount](as of [price_update_date] – Details) [ad_1] Samsung Galaxy M31 Dual 4G M315F-DS 64GB 6GB RAM (GSM only, No CDMA) International Version – No Warranty (Ocean Blue)Samsung Galaxy M31 is a mid-range offering from one of the most trusted brands. Equipped with a good set of cameras that can keep the users indulged in capturing pictures. In terms of performance, it can provide good processing speed without lagging issues. It is also blessed with high battery capacity and fast charging technology. The Galaxy M31 offers some really good specifications and will not disappoint for a smartphone that comes under the budget segment.  64MP + 8MP + 5MP + 5MP rear camera | 32MP front facing camera16.21 centimeters (6.4-inch) FHD+ capacitive touchscreen with 2340 x 1080 pixels resolution, 404 ppi pixel density and 16M color supportMemory, Storage & SIM: 6GB RAM | 128GB storage expandable up to 512GB | Dual SIM with dual standby (4G+4G)Android v10.0 operating system with 2.3GHz + 1.7GHz Exynos 9611 Octa core processor6000mAH lithium-ion battery [ad_2]Read More…

Samosa Recipe: समोसा-स्वाद ऐसा भूल जाएंगे स्नैक्स औए चाट-पकौड़े

[ad_1] समोसे की रेसिपी (Samosa Recipe) : क्या इन कुकिंग टिप्स (Cooking Tips) को अपनाकर आप अपने मनपसंद लजीज और क्रिस्पी समोसे खाने और बनाने के लिए तैयार हैं… [ad_2] Read More…

बचत न कर पाने के ये 5 बड़े कारण हैं, जो आप भी कर रहे हैं ये गलतियाँ हैं

[ad_1] बचत नहीं करने का सबसे बड़ा और सीधा सा कारण यह होता है कि आप बेशी खर्च कर रहे हैं। पैसे की बचत (पैसे की बचत) करने में लोग अकसर बड़ी गलती करते हैं। वे घर का जरूरी सामान खरीदने, बिल भरने और मनचाही खरीदारी करने के बाद पैसे बचाने की सोचते हैं। News18Hindi आखरी अपडेट:18 नवंबर, 2020, 3:50 PM IST अगर आप यह सोचते हैं कि आपकी सैलरी (वेतन) कम है और इसलिए आप बचत (बचत) नहीं कर पाते हैं तो आप गलत साबित हो सकते हैं। क्योंकि बचत न कर पाने का कारण कम सैलरी नहीं होती है। कई बार मोटा पैसा कमाने वाले लोग भी बचत नहीं कर पाते हैं। इसके कई छोटे-बड़े कारण हैं। हम यहां आपको ऐसे 5 बड़े कारण बता रहे हैं जो आपकी बचत में सबसे बड़ी रुकावट बनकर बैठ सकते हैं।खर्चों के बाद बचतपैसे की बचत (पैसे की बचत) करने में लोग अकसर बड़ी गलती करते हैं। वे घर का जरूरी सामान खरीदने, बिल भरने और मनचाही खरीदारी करने के बाद पैसे बचाने Read More…

चेहरे पर ज्यादा बाल नजर आते हैं पीसीओएस का हो सकता है संकेत, ऐसे रखें अपना ध्यान

[ad_1] कुछ महिलाओं के चेहरे पर सामान्य से अधिक बाल होते हैं। इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) का संकेत हो सकता है, जिसमें महिलाओं में हार्मोन असंतुलित हो जाता है। दुनिया भर में लाखों महिलाएं इस बीमारी का शिकार हैं। कई महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें इस बीमारी के बारे में पता भी नहीं है। इस समस्या के कारण महिलाओं को अनियमित पीरियड्स (अनियमित अवधि) के अलावा गर्भधारण (गर्भावस्था) की समस्या भी होती है। इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं का तेजी से वजन बढ़ता है, क्योंकि यह उच्च वसा वाले एस्ट्रोजनर्म की मात्रा को बढ़ाता है। myUpchar के अनुसार, पीसीओ एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं के सेक्स्रोमोंन एस्ट्रोजन और कंट्रोलस्टेरोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे अंडाशय में सिस्ट बन जाता है। यह परेशानी मुख्य रूप से 15 से 30 साल की महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है। भारत में लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं इससे पीड़ित हैं।जो लड़कियां या महिलाएं पीसीओ से पीड़ित हैं उनमें शुरुआत में हल्के लक्षण नजर आते हैं। इसके सबसे आम लक्षणों में मुंहासे, वजन बढ़ना या वजन घटाने में परेशानी, पीरियड्स में अनियमितता, प्रजनन क्षमता में परेशानी, अवसाद आदि शामिल हैं। इसके अलावा चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बाल भी नजर आने लगते हैं। अक्सर महिलाओं के चेहरे, पेRead More…

बच्चों को दिए जाने वाले विनयोटिक्स खतरनाक हैं, बीमारियों का खतरा बढ़ता है: स्टडी

[ad_1] जिन बच्चों ने एक या दो बार सोरायटिक दवा ली है उनमें सियालिक और अस्थमा का खतरा बढ़ गया है। स्टडी में दावा किया गया है कि बच्चे (बच्चे) का जेंडर, दवाइयों की खुराक, उम्र और अलग-अलग दवाइयां (दवाएं) भी उन पर बुरा असर डालती हैं। News18Hindi आखरी अपडेट:18 नवंबर, 2020, 1:08 PM IST शिशुओं (शिशुओं) के स्वास्थ्य (स्वास्थ्य) का रखना बहुत आवश्यक है। उन्हें किस चीज की ज्यादा जरूरत है यह आपको पता होना चाहिए। यदि आप अपने शिशु को समय-समय पर रोगायोटिक्स (एंटीबायोटिक्स) दे रहे हैं तो आपको यहां सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि एक स्टडी के अनुसार, दो साल की उम्र से बड़े विश्लेषकों को दिए जाने वाले सिंथायोटिक्स अस्थमा, एलर्जी, बुखार, खाद्य एलर्जी, एक्जिमा, एक बीमारी डिफिशेट हाइपरएक्ट डिस्ऑर्डर (ADHD), सीलिएक और मोटल के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।70 प्रतिवादियों में पाया गया ये बातमायो क्लिनिक में छपी इस सRead More…

सर्दियों में दैनिक स्नान की आदत डालें, ये 5 काम के टिप्स हैं

[ad_1] सर्दियों में स्नान के फायदे जानें विंटर टिप्स: स्टडी के अनुसार गर्म पानी से स्नान (हॉट वॉटर बाथ) वाले लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। बॉडी मॉस इंडेक्स और कमर को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है … News18Hindi आखरी अपडेट:18 नवंबर, 2020, 12:50 PM IST रोज़ाना स्नान के इस्तेमाल के लिए पर्सनल हाइजीन के लिए बेहतर माना जाता है और इससे मन भी शांत रहता है। कुछ शोध भी हुए हैं जिनके अनुसार स्नान से स्वच्छ-सफाई को बढ़ावा मिलने के अलावा स्वास्थ्य पर भी बेहतर असर पड़ता है। साक्ष्य-आधारित पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार ‘हर दिन गर्म पानी से स्नान करने वाले लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।’ उनमें तनाव मुक्त रहने में मदद मिलने के अलावा नींद भी अच्छी आती है। गर्म पाने से स्नान पर बॉडी मॉस इंडेक्स और कमर को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। ‘ कई फायदों के Read More…

बच्चे को पिलाती हैं दूध, तो जरूर खाएं ये चीजें

[ad_1] मां का दूध बच्चों के लिए पौष्टिकभरा होता है, जो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है। इसमें वसा, चीनी, पानी और प्रोटीन का बेहतरीन संतुलन होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, जन्म से 6 महीने तक बच्चों को स्तनपान यानी ब्रेस्टफीडिंग जरूर करवाना चाहिए। स्तनपान न केवल बच्चे के लिए बल्कि माँ के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। स्तनपान करवाने से बच्चों में हृदय रोग और डायबिटीज सहित कई चिकित्सा स्थितियों के विकास का जोखिम कम होता है। यह तनाव को भी दूर कर सकता है और बच्चे से अधिक जुड़ाव महसूस करने में मदद कर सकता है। इसलिए माँ के लिए यह आवश्यक है कि वह ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन में मदद के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा, खजूर के बाद स्वस्थ खाद्य पदार्थों से मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है। यदि माँ का आहार संपूर्ण पोषक तत्व प्रदान नहीं करता है, तो यह स्तन के दूध की गुणवत्ता और माँ के स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकता है।यह अनुमान लगाया गया है कि स्तनपान के दौरान ऊर्जा की आवश्यकता लगभग 500 कैलोरी बढ़ जाती है। myUpchar के अनुसार मां को प्रोटीन, विटामिन डी, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन सी, बी 12, सेलेनियम और जिंक सहित विशिष्ट पोषक तत्वों की जरूरत होती है। यही कारण है कि विभिन्न प्रRead More…

वीडियो गेम खेलना मेंटल हेल्थ के लिए हो सकता है फायदेमंद: रिसर्च

[ad_1] अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि वीडियो गेम खेलना मेंटल स्वास्थ्य के लिए बेहतर साबित हो सकता है। कोरोनावायरस (कोरोनावायरस) के कारण कई देशों ने एक बार फिर लॉकडाउन (लॉकडाउन) करने का फैसला लिया है, ऐसे में वीडियो गेम खेलना (वीडियो गेम खेलने के फायदे) अच्छा माना जा सकता है … News18Hindi आखरी अपडेट:18 नवंबर, 2020, 11:21 AM IST कोरोना काल (कोविद समय) में बहुत से बच्चों ने घर पर वीडियो गेम खेलते हुए अच्छा समय बिताया है। हाल में हुई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि वीडियो गेम खेलने में बिताया गया समय मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। लन्दन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक शोध में इसकी पुष्टि की है। कोरोनावायरस के कारण कई देशों ने एक बार फिर लॉकडाउन करने का फैसला लिया है, ऐसे में वीडियो गेम खेलना अच्छा माना जा सकता है।रिसर्च पेपर में उन लोगों के नाखूनों हैंRead More…

इस तरह से प्रीमेच्योर बच्चों की देखभाल, अपनाएं ये खास टिप्स

[ad_1] माँ अपने दूध की बोतल में उन्हें साफ चम्मच से पिला रही हैं। इससे शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास होगा साथ ही उनकी इम्यूनिटी भी बढ़ेगी। शिशु को बाजार का दूध बिल्कुल न पिलाएं। कमजोर (कमजोर) होने के कारण प्रीमेच्योर विश्लेषकों (समयपूर्व शिशुओं) को मां का दूध (दूध) पीने में कई डिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन बच्चों को सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। News18Hindi आखरी अपडेट:18 नवंबर, 2020, 10:42 AM IST जिन बच्चों (बच्चे) का जन्म 37 सप्ताह से पहले होता है, उन्हें प्रीमेच्योर बेबी (समयपूर्व बच्चा) कहा जाता है। ऐसे शिशु पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं और वह शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं। आमतौर पर एक स्वस्थ बच्चे का जन्म 9 महीने में होता है। हर साल 15 करोड़ प्रीमेच्योर बेबी का जन्म होता है। इन बच्चों को एक्स्ट्रा कैर की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि आप कैसे आइचीRead More…

Tamil Nadu NEET Counselling 2020: Tamil Nadu NEET Rank List 2020 has released check details – Tamil Nadu NEET Counselling 2020: नीट यूजी रैंक लिस्ट हुई जारी, जानिए डिटेल

[ad_1] Tamil Nadu NEET Counselling 2020: नीट यूजी रैंक लिस्ट जारी हो गई है.नई दिल्ली: Tamil Nadu NEET Counselling 2020: तमिलनाडु NEET UG रैंक लिस्ट 2020 को आधिकारिक वेबसाइट्स tnmedicalselection.net और tnhealth.tn.gov.in पर जारी कर दिया गया है. उम्मीदवार शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों में एडमिशन ले सकते हैं. तमिलनाडु एमबीबीएस / बीडीएस काउंसलिंग के माध्यम से 7400 एमबीबीएस और 2873 बीडीएस सीटों पर एडमिशन दिया जाता है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि नीट रैंक लिस्ट प्रकाशित कर दी गई है और इसमें सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए 7.5% आरक्षण दिया गया है. The rank list for the TN #Medicalcounselling is published. As committed by Hon’ble CM, the list includes the 7.5% reservation for govt school students. The counselling will commence from 18th Nov at Nehru Indoor Stadium w/ social distancing norms. My best wishes! @CMOTamilNadupic.twitter.com/nv946BE0om
— Dr C Vijayabaskar (@Vijayabaskarofl) November 16, 2020विजयभास्कर ने अपने ट्वीट में यह भी बताया है कि काउंसलिंग 18 नवंबर को नेहरू इंडोर स्टेडियम में शुरू होगी और काउंसलिंग के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा. तमिलनाडु एमबीबीएस 2020 मेरिट लिस्ट में तमिलनाडु एमबीबीएस राज्य मेरिट रैंक, नीट यूजी ऑल इंडिया रैंक, उम्मीदवारों का नाम, रोल नंबर, नीट स्कोर और अन्य जानकारी उपलब्ध है. कुल 78 संस्थान तमिलनाडु एमबीबीएस / बीडीएस 2020 काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से एडमिशन देंगे. इसमें 49 मेडिकल कॉलेज और 29 डेंटल कॉलेज हैं.  [ad_2] Source link Read More…