कोविड-19 टीकाकरण को लेकर हुई बैठक

बिहार

कोविड-19 टीकाकरण को लेकर हुई बैठक

टीकाकरण को ले अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई- डीएम

दरभंगा, 12 जनवरी। कोविड-19 टीकाकरण का पहला चरण प्रारंभ होगा, जिसमें स्वास्थ्य सेवा से जुड़े चिकित्सक, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ, वहां के सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी के साथ-साथ स्वास्थ सेवा से जुड़े आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं आशा कार्यकर्ता का टीकाकरण किया जाएगा। इसकी अंतिम तैयारी को लेकर दरभंगा, समाहरणालय अवस्थित अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम व वरीय पुलिस अधीक्षक बाबूराम की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें आई एम ए, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, जिला शांति समिति के सदस्य एवं संबंधित पदाधिकारीगण ने भाग लिया। बैठक में कोविड-19 टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सभी को अवगत कराया गया। बताया गया कि इनमें चार वैक्सीनेशन ऑफिसर रहेंगे और टीकाकरण केंद्र पर कम से कम तीन कमरे रहेंगे। पहले कमरे में कोविन पोर्टल पर पंजीकृत व्यक्ति है या नहीं यदि नहीं तो उन्हें चतुर्थ वैक्सीनेशन ऑफिसर के पास आगे के मार्गदर्शन के लिए भेज दिया जाएगा।

टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर लाभार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण
सरकारी एवं निजी अस्पतालों से लाभार्थियों की सूची प्राप्त कर जिला स्तर पर यह काम जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति स्वयं राज्य स्वास्थ्य समिति के वेबसाइट स्टेट हेल्थ सोसाइटी पर जाकर अपने संस्थानों के कर्मियों का डाटा अपलोड कर सकता है। प्रथम वैक्सीनेशन ऑफिसर के द्वारा पंजीकृत लाभार्थी का मास्क चेक किया जाएगा एवं हाथ सैनिटाइज करवाया जाएगा। इसके बाद लाभार्थी उस कक्ष में बैठ कर अपनी बारी का इंतजार करेंगे। अपनी बारी आने पर द्वितीय वैक्सीनेशन ऑफिसर द्वारा आधार कार्ड एवं फोटोयुक्त अन्य दस्तावेज से उनका सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद तृतीय वैक्सीनेशन ऑफिसर द्वारा उन्हें टीका लगाया जाएगा। टीका लगाने के समय उन्हें आवश्यक जानकारी दी जाएगी जैसे दोबारा टीका के लिए उन्हें पुनः मैसेज जाएगा, कोविड-19 से सुरक्षा के लिए मास्क, सामाजिक दूरी, हाथ सैनिटाइजेशन का प्रयोग करते रहना है तथा किसी भी प्रकार की परेशानी महसूस होने पर निकट के आशा, एएनएम या चिकित्सा पदाधिकारी से संपर्क करना है या हेल्पलाइन पर संपर्क करेंगे।

लाभार्थी का डिटेल कोविड-19 पोर्टल पर किया जायेगा अपलोड
जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने बताया कि एक व्यक्ति को दो बार टीका लगाया जाएगा। पहले दिन के टीका के बाद ठीक 28वें दिन उनका टीकाकरण पुनः किया जाएगा और उसके 15 दिनों के बाद उनके शरीर में (एंटीबॉडी) प्रतिरोधक क्षमता तैयार होगी। इसलिए टीका लेने के बाद लगभग 45 दिनों तक कोविड-19 से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का अनुपालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दिए जानेवाला टीका पूर्णतः सुरक्षित है। कई स्तरों पर इसकी जांच हो चुकी है। इसलिए किसी को इसके संबंध में संदेह नहीं होना चाहिए। यह भी सही है कि टीकाकरण के दौरान कुछ लोगों में कुछ प्रतिक्रिया होती है लेकिन, इसका प्रतिशत बहुत कम रहता है और यह सामान्यतः सभी टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान होता है। इससे निपटने की पूरी तैयारी सभी टीकाकरण केंद्रों पर की गई है।
सभी एएनएम के पास एनाफ्लेक्सिस किट्स रहेगा।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
डीएम ने कहा कि यदि कोई जान बूझकर किसी खास मंशा से इस कार्यक्रम को विफल करने के लिए अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा तो आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने बताया प्राइवेट स्थलों पर भी टीकाकरण किया जाएगा, जिनके वैक्सीनेटर भी उनके ही होंगे। इसके लिये 21 स्थल चयनित किए गए हैं।
प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों का होगा टीकाकरण
डीएम ने बताया प्रथम चरण के टीकाकरण के लिए 10 स्थलों का चयन किया गया है। जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर, बहेड़ी, जाले, केवटी, मनीगाछी, सिंहवाड़ा एवं हनुमान नगर तथा डीएमसीएच तथा निजी अस्पतालों में आर बी मेमोरियल एवं पारस हॉस्पिटल शामिल हैं। द्वितीय चरण के टीकाकरण में पुलिस के जवान, आर्मी के जवान,नगर निकाय के कर्मी, ग्रामीण एवं राजस्व विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी, क्वरंटाइन केंद्रों पर काम करने वाले शिक्षक एवं कर्मी का टीकाकरण किया जाएगा।
तृतीय चरण के टीकाकरण में 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों एवं गंभीर बीमारी से ग्रस्त या समस्याग्रस्त व्यक्तियों का टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के टीकाकरण के लिए अभी तक 16733 स्वास्थ्य कर्मियों का कोविन पोर्टल पर डाटा अपलोड हो चुका है लेकिन यह संख्या 25000 तक होनी चाहिए। इस बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, अपर समाहर्त्ता विभागीय जांच अखिलेश प्रसाद सिंह, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार मिश्र, सिविल सर्जन संजीव कुमार सिन्हा व संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे।