शुद्ध ऑक्सीजन से थम हो सकती है बढ़ती उम्र!

शुद्ध ऑक्सीजन से थम हो सकती है बढ़ती उम्र!

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इस शोध को तेल अवीव के सायोग केंद्र के लिए हाइपरबेरिक मेडिसिन और अनुसंधान संस्थान ने किया है

इस शोध को तेल अवीव के सायोग केंद्र के लिए हाइपरबेरिक मेडिसिन और अनुसंधान संस्थान ने किया है

इस शोध (शोध) में 64 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 35 स्वाधीन लोगों को एक प्रेशर चेंबर में रखा गया और वर्क के जरिये 100 प्रति शुद्ध ऑक्सीजन (ऑक्सीजन) दी गई। इस शोध का सेशन 90 मिनट तक सप्ताह में 5 दिन चलता था और शोध को तीन महीने में पूरा किया गया

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि शुद्ध ऑक्सीजन (ऑक्सीजन) से उम्र बढ़ने (उम्र बढ़ने) के प्रभाव को रोका जा सकता है। हाल ही में की गई एक रिसर्च (शोध) में ये बात सामने आई है।

शोध में कुछ लोगों को एक प्रेशर से भरे हुए ऑक्सीजन चेंबर में रखा गया, जिसके बाद उनमें कई बदलाव हुए। वैज्ञानिकों ने पाया कि ऑक्सीजन चेंबर में रहने से उन लोगों के शरीर के क्रोमोसोम (क्रोमोसोम) में मौजूद टेलोमेर्स (टेलोमेरस) की मात्रा में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। आपको बता दें, टेलोमेर को क्रोमोसोम का कैप माना जाता है जो क्रोमोसोम की रक्षा करता है, जिसके कारण इंसान के बूढ़े होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है। उम्र के साथ टेलोमेर छोटे होते जाते हैं जिनके कराण कैंसर, अल्जाइमर और पार्किसन जैसी बीमारियां होने लगती हैं।

इस शोध में 64 साल या उससे अधिक उम्र के 35 स्वाधीन लोगों को एक प्रेशर चेंबर में रखा गया और वर्क के जरिये 100 प्रति शुद्ध ऑक्सीजन दी गई। इस शोध का सेशन 90 मिनट तक सप्ताह में 5 दिन चलता था और शोध को तीन महीने में पूरा किया गया था। इस प्रयोग में शामिल होने वाले लोगों में टेलोमेर्स की मात्रा इतनी बढ़ गई क्योंकि युवाओं में देखने को मिलता है। वैज्ञानिकों द्वारा की गई ये स्टडी जर्नल ‘एजिंग’ में पब्लिश हुई है।

प्रेशर चेंबर में रहने से ‘हाईपॉक्सिया’ की स्थिति पैदा होती थी, जिसे ऑक्सीजन की कमी भी कहा जा सकता है। ऑक्सीजन की कमी होने पर टिशू में अधिक मात्रा में ऑक्सीजन लेने लगते हैं जिससे टेलोमेर्स की मात्रा बढ़ जाती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि हेल्दी खाना खाने से और इंटेन्स एक्सरसाइज करने से भी टेलोमेर्स की लंबाई नहीं घटती है लेकिन इस शोध में ये पाया गया कि बिना इंटेन्स एक्सरसाइज किए भी टेलोमेर्स की लंबाई घटने से रोका जा सकता है। रिसर्च को तेल अवीव की सैयोग्राफी सेंटर फॉर हाइपरबेरिक मेडिसिन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने किया है। इस स्टडी के रिसर्चर डॉ। आमिर ने कहा कि इस शोध से पहले सिर्फ जीवन शैली में बदलाव और इंटेन्स एक्सरसाइज से ही टेलोमेर्स की ग्रोथ पर असर दिखता था लेकिन अब सिर्फ तीन महीने की थेरापी से टेलोमेर्स को बढ़ाया जा सकता है जो अन्य सभी तरीकों के मुकाबले है। सबसे प्रभावी है।