चेहरे पर ज्यादा बाल नजर आते हैं पीसीओएस का हो सकता है संकेत, ऐसे रखें अपना ध्यान

लाइफस्टाइल


कुछ महिलाओं के चेहरे पर सामान्य से अधिक बाल होते हैं। इस स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) का संकेत हो सकता है, जिसमें महिलाओं में हार्मोन असंतुलित हो जाता है। दुनिया भर में लाखों महिलाएं इस बीमारी का शिकार हैं। कई महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें इस बीमारी के बारे में पता भी नहीं है। इस समस्या के कारण महिलाओं को अनियमित पीरियड्स (अनियमित अवधि) के अलावा गर्भधारण (गर्भावस्था) की समस्या भी होती है। इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं का तेजी से वजन बढ़ता है, क्योंकि यह उच्च वसा वाले एस्ट्रोजनर्म की मात्रा को बढ़ाता है। myUpchar के अनुसार, पीसीओ एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं के सेक्स्रोमोंन एस्ट्रोजन और कंट्रोलस्टेरोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे अंडाशय में सिस्ट बन जाता है। यह परेशानी मुख्य रूप से 15 से 30 साल की महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है। भारत में लगभग 10 प्रतिशत महिलाएं इससे पीड़ित हैं।

जो लड़कियां या महिलाएं पीसीओ से पीड़ित हैं उनमें शुरुआत में हल्के लक्षण नजर आते हैं। इसके सबसे आम लक्षणों में मुंहासे, वजन बढ़ना या वजन घटाने में परेशानी, पीरियड्स में अनियमितता, प्रजनन क्षमता में परेशानी, अवसाद आदि शामिल हैं। इसके अलावा चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बाल भी नजर आने लगते हैं। अक्सर महिलाओं के चेहरे, पेट, नाभि और पीठ पर मोटे और काले बबले दिखाई देते हैं। हालांकि ये सभी लक्षण पीसीओ की वजह से वि कसित हो रहे हैं ऐसा जरूरी नहीं है।

पीसीएस को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसके लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए जटिलताओं से बचा जा सकता है। इसके लिए स्वस्थ आहार का सेवन, नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक है। इसके अलावा कुछ घरेलू उपचार भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।तुलसी

तुलसी में प्रचुर मात्रा में औषधीय गुण होते हैं। इसके सेवन करने से इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित कर टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को कम करने में मदद मिलती है। myUpchar के अनुसार, तुलसी में एंटी-एंड्रोजेनिक गुण होते हैं, जो पीसीओ के लक्षणों को कम करने में मदद कर रहे हैं। इसका उपयोग करने के लिए तुलसी के 10-12 पत्तों को रोज सुबह चबाएं या चाय में मिलाकर सेवन करें।

हल्दी

हल्दी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पीसीओ के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। इसके लिए रोज़ रात को सोने से पहले दूध में हल्दी मिलाकर पियाऊँ। इससे इम्युनिटी मजबूत हो सकती है।

मेथी

मेथी हार्मोन संतुलन, कोलेस्ट्रॉल कम करने, वजन कम करने और हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करता है। यह इंसुलिन के स्तर को बढ़ने से रोकती है। मेथी के बीज को पानी में कम से कम 8 घंटे के लिए भिगोएं और खाली पेट सुबह इसे शहद के साथ एक चम्मच लें।

एलोवेरा का जूस

एलोवेरा जूस में फाइटोस्टेरोल और फाइटो-फिनोल नामक तत्व होते हैं जो पीसीओ से पीड़ित महिलाओं में हाइपरग्लाइसेमिक स्थिति को सामान्य करने में मदद करते हैं। यह रोजाना खाली पेट लेना फायदेमंद हो सकता है।

आंवला का जूस

आंवले के रस में ऐसे गुण होते हैं जो इस समस्या को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। इसके लिए रोजाना एक कप पानी में 1 चम्मच आंवला जूस मिलाकर पिएं।

ग्रीन टी

ग्रीन टी का सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज की मात्रा कम हो सकती है, जिससे पीसीओ के लक्षणों से राहत मिल सकती है। इसलिए दिन में कम से कम दो कप ग्रीन टी पिएं।अधिक जानकारी के लिए हमारा कलात्मक, पीसीओएस पढ़ें। न्यूज 18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखित जाते हैं। स्वास्थ्य से संबंधित खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और चिकित्सक, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़े सभी बदलाव आते हैं।