बिहार चुनाव में हार पर कांग्रेस में बढ़ी रार, अब खर्शीद का सिब्बल पर हमला, कहा- पार्टी में रहकर नुकसान पहुंचाने वाले खुद बाहर हो जाएं तो सबसे अच्छा

राष्ट्रीय

[ad_1]

हाइलाइट्स:

  • बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर कलह बढ़ी
  • सिब्बल, तारिक अनवर, कार्ति चिदंबरम ने पार्टी के रुख पर उठाया सवाल
  • गहलोत के बाद अब सलमान खर्शीद ने कपिल सिब्बल पर बोला हमला
  • खुर्शीद ने कहा- पार्टी में बनेकर नुकसान पहुंचाने वाले खुद बाहर हो जाओ, यह सबसे अच्छा है

नई दिल्ली
बिहार चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त को लेकर शीर्ष नेतृत्व पर कपिल सिब्बल के सवाल उठाने के बाद पार्टी में अंतर्कलह एक बार फिर सामने आ गया है। पहले दर्जे के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने सिब्बल की आलोचना की और अब सलमान खुर्शीद ने कड़ी-चौड़ा फेसबुक पोस्ट लिखकर उन्हें टिंग ताज़ा करना ’करार दिया है जिसकी बेचैनी रह-रहकर उभर जाती हैं। वास्तव में चौंकाने वाला थॉ कि शख्स को कहते हैं जो किसी भी चीज पर यकीन करने से इनकार करता है जब तक कि वह खुद न अनुभव करे या सबूत न हो। इतना ही नहीं, उन्होंने एक इंटरव्यू में सिब्बल को पार्टी छोड़ने तक की सलाह दे दी है।

पार्टी में बनेकर नुकसान पहुंचाने वाले खुद बाहर हो जाएं: खुर्शीद
एक अंग्रेजीish न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में खुर्शीद ने कहा कि पार्टी में कभी-कभी लोग सुनते हैं और कभी-कभी नहीं सुनते हैं। हमें कोशिश करते रहना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि आप पार्टी में हैं और चीजों को खराब कर रहे हैं तो सबसे अच्छा यही है कि आप पार्टी छोड़ दें। उनका इशारा कपिल सिब्बल की तरफ था।

सिब्बल के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाने पर भड़के गेहलोत ने दी नसीहत

फेसबुक पोस्ट में सिब्बल पर बोला हमला
इससे पहले फेसबुक पर लिखे एक लंबे-चौड़े पोस्ट में खुर्शीद ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को ‘आदतनता करने वाला’ करार दिया जो जो रह-रहकर बेचैनी से घिर जाते हैं। मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की शायरी से पोस्ट की शुरुआत करते हुए उन्होंने लिखा, ‘न थी हाल की जब हमें खबर, होने को देखते औरतों के ऐबो हुनर, पड़ी अपनी बुराइयों पर जो नजर, तो निगाह में कोई भी न रहा …। बहादुर शाह ज़फर और उनके ये शब्द हमारी पार्टी के उन सहयोगियों के लिए सार्थक उपमा की तरह हो सकते हैं जो समय-समय पर बेचैनी से घिर जाते हैं। ‘

पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को बताया कि ‘थॉटिंग थॉम’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब हम अच्छा करते हैं, तो निश्चित रूप से कुछ हद तक वे इसे स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन जब हम कम प्रदर्शन करते हैं और बुरा भी नहीं करते हैं तो वे तत्काल छींटाकशी करने लगते हैं।) उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल करने वाले प्रमुखों को ‘आदतन संदेह करने वाला’ करार दिया और कहा, ‘हम सभी अपनी पार्टी के निरंतर दुर्भाग्य से परेशान और दुखी हैं। इस स्थिति को कुछ लोग हमारे दुस्साहस के तौर पर पेश करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी चीज है जिस पर हम विश्वास करते हैं, जो जरूरी नहीं है कि अंधा हो, लेकिन यह भाग्य में होता है। ‘

बिहार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए: कपिल सिब्बल

‘शॉर्टकट’ के बजाय लंबे समय तक संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए ‘
खुर्शीद ने इस बात पर जोर दिया, ‘अगर मतदाता उन उदारवादी मूलाओं को महत्वपूर्णता नहीं दे रहे जिनके हम संरक्षण कर रहे हैं तो हमें सत्तार में आने के लिए शॉर्टकट तलाश करने के बजाय लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।’ उन्होंने लिखा, ‘सत्तर से बाहर हो जाओ सार्वजनिक जीवन में आसानी से पढ़वीकर नहीं किया जा सकता है लेकिन यदि यह मूलांक की राजनीति का परिणाम है तो इसे समना के साथ पाठवीकर किया जाना चाहिए। यदि हम सत् प्राप्ति हासिल करने के लिए अपने सिद्धांतों के साथ प्रतिबद्ध करते हैं तो इससे अच्छा है कि हम ये सब छोड़ दें। ‘

राजद ने कांग्रेस पर फोड़ा महागठबंधन की हार का ठीकरा, क्या कहा?

सिब्बल ने बिहार चुनाव में हार को लेकर शीर्ष नेतृत्व पर खड़े किए सवाल थे
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक अंग्रेजी पत्र को दिए इंटरव्यू में कथित तौर पर कहा है कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी नियति मान लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कांग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं। कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने भी कथित तौर पर कहा था कि बिहार चुनाव को लेकर पार्टी को आत्मचिंतन करना चाहिए।
(एजेंसियों से इनपुट के साथ)



[ad_2]