मुंगेर गोलीकांड: बिहार में ‘मजबूत’ हुई बीजेपी, उठी आईपीएस लिपि सिंह पर ऐक्शन की मांग

राष्ट्रीय

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नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव (बिहार विधानसभा चुनाव) में पूर्ण बहुमत से जीत के साथ ही नीतीश सरकार (नीतीश कुमार) की सत्ता में सुधार हुआ है। हालांकि इस बार की सरकार पिछली नीतीश सरकारों से थोड़ा अलग है। इस बार बीजेपी बड़े अंतर से गठबंधन में नंबर वन पार्टी है। सोमवार को हुए शपथ ग्रहण में बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री भी बने हैं। सत्ता समीकरण में हुए इस नए परिवर्तन से बीजेपी के नेताओं को उम्मीद जगी है कि बिहार में अब उनकी भी चलेगी। इसी को देखते हुए मुंगेर गोलीकांड (मुगेर फायरिंग न्यूज) की फाइल फिर से खुलवाने की मांग उठी है।

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने पिछले महीने बिहार के मुंगेर में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान गोलीकांड की दोबारा जांच की मांग की है। उन्होंने बिहार के नए उपमुख्यमंत्रियों तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी से मुंगेर की तत्कालीन एसपी और ज़ीयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह की बेटी की लिपि सिंह (लिपि सिंह) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

‘लिपि सिंह की जगह खाकी नहीं, जेल में है’
तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ‘मैं तारकिशोर प्रसाद जी और रेणु देवी जी से अनुरोध करता हूं कि मुंगेर हत्याकांड की जांच करवाएं और दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दें। मासूमों की हत्या का आदेश देने वाली एसपी की जगह खाकी नहीं जेल होनी चाहिए। ‘ तजिंदर की इस मांग का और भी यूजर्स ने समर्थन किया और लिपि सिंह पर कड़े ऐक्शन की मांग की।

दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुआ था बवाल

बता दें कि 26 अक्टूबर की रात करीब 11:45 बजे श्रद्धालुओं का एक काफिला मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहा था। उसी समय भीड़ में से कुछ लोगों और पुलिस के बीच विवाद शुरू हो गया है। इसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव के दौरान मुंगेर पुलिस ने सबसे पहले हवाई फायरिंग की। फायरिंग के बाद भीड़ और ज्यादा आक्रोशित हो गए और पथराव भी तेज हो गया। पूरे बवाल के दौरान एक शख्स की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए।

मुंगेर गोलीकांड पर सड़क से सोशल मीडिया तक हुआ बवाल

घटना के बाद मुंगेर से लेकर बिहार के कई हिस्सों में इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। मुंगेर की तत्कालीन एसपी लिपि सिंह पर पूरे मामले में लापरवाही बरतने और गोली चलाने का आदेश देने के आरोप लगे। हालांकि लिपि सिंह ने पुलिस के फायरिंग करने से साफ इनकार किया। सोशल मीडिया पर उन्हें जनरल डायर तक कहा गया। तीन दिन चले बवाल के बाद चुनाव आयोग ने लिपि सिंह और मुंगेर के डीएम का तबादला कर दिया था।

लिपि सिंह ने कहा था कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की थी
एसपी लिपि सिंह ने 27 अक्टूबर को मीडिया के कैमरे पर कहा था कि भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने फायरिंग की थी। लिपि सिंह के मुताबिक, विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रतिमा को तेजी से विसर्जन करने का पुलिस की ओर से बार-बार अनुरोध किया जा रहा था। इसी तरह कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर हमला करते हुए गोलीबारी शुरू कर दी। असामाजिक तत्वों की गोली से एक युवक की मौत हुई, वहीं कई लोग घायल हो गए। इस घटना में सात थानाध्यक्ष सहित 20 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।



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